Friday, March 3, 2017

Saturday, November 12, 2016

कालेधन को रोकने के लिए बैकों पर निगरानी रखनी होगाी



कालेधन को सफेद बनाने में बैंको की अहम भूमिका

कालेधन को रोकने के लिए बैकों पर निगरानी रखनी होगाी उनके पास एंव पोस्ट आॅफिसो में 08 नवम्बर 2016 को कितना रूपये किस बैंक/पोस्ट आॅफिसो के पास जमा था। सरकार को बैंकों के ऊपर भी नजर रखनी होगी, धनाढय वर्गो ने जोड-तोड कर अपना लाखों रूपये बैक/पोस्ट आॅफिस खातो में रातो रात एंव बैक डेट पर डलवा दिये हैं। पार्टी फडो में इस तरह का लाखों रूपये जमा हैं। मन्दिरों में भी चढावे के नाम पर कालाधन जमा है। जिसे सफेद करने की कवायद में पैसे वाले लगे हुए हैं।

Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand
12 November, 2016





Sunday, July 31, 2016

19 घटें एंव 25 किमी0 लम्बे गुरूग्राम-दिल्ली जाम



19 घटें एंव 25 किमी0 लम्बे गुरूग्राम-दिल्ली जाम ने देश के विकास की पोल खोल दी। इसमें भारत सरकार एंव राज्यों सरकारों का भी दोष है कि स्थिति इतनी विकराल क्यों होने दी। साथ-साथ पुरे देश की परिवहन व्यवस्था पर सवालियाॅ निशान लगा दिया। 

19 घंटे लम्बे जाम के बाद देश में आरोप प्रत्यारोप का खेल शुरू हो जायेगा, विपक्ष सत्ता पक्ष की टाॅग खिंचना शुरू कर देगा। लेकिन इन खामियों को दूर करने के बारे सरकार ही नही बल्कि विपक्ष को भी सोचना चाहिए कि जब देश की राजधानी दिल्ली एंव गुरूग्राम में यह स्थिति है तो देश के बाकि हिस्सो यानि अन्य राज्यों में क्या हाल होगा।
19 घटें एंव 25 किमी0 लम्बे गुरूग्राम-दिल्ली जाम ने देश की परिवहन व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया कि देश में परिवहन एंव यातायात क्या व्यवस्था है। देश के सबसे समृद्व एंव विकसीत शहर की परिवहन व्यवस्था के ये हाल हैं। 

आज अत्याधुनिक तकनीकी के बावजूद हम विवश क्यों है। इसमें सबसे बड़े दोषी हम ही है, लेकिन हमसे बड़ी दोषी सरकार है कि सरकार को इन सब समस्यों से निपटने के लिए पहले से तैयारी होना चाहिए था।

बड़ते हुए ट्रैफिक की समुचित व्यवस्था का न होना, इतना टैªफिक कोई एक दिन में नही हुआ होगा। इसमें भी कई साल लगे होंगे। लेकिन हमार सिस्टम इन सब समस्याओं से निपटने के लिए तैयार नही रहता है। अगर पहले से चाक चैबन्ध रहते तो स्थिति नियन्त्रण में रहती। लेकिन सरकार तभी जागति है जब इस तरह की घटनायें हो जाती है और अब हर बार कि तरह इस बार भी कागजी खानापूर्ति होने के बाद स्थिति जस तस बनी रहेगी।


Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand
31 July, 2016

Monday, October 26, 2015

सर्वोच्च न्यायालय ने आधार कार्ड का बढ़ाया दायरा




सर्वोच्च न्यायालय ने आधार कार्ड का दायरा बढ़ा दिया है, अब इसका इस्तेमाल पीएफ, पेंशन स्कीमों, प्रधानमंत्री जनधन योजना और मनरेगा के लिए भी किया जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को केन्द्र सरकार को इसकी इजाजत दे दी। सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला सरकार के लिए बेहद राहत भरा है।

मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पाॅंच सदस्यीय पीठ ने 11 अगस्त 2015 को दिए अपने उस अंतरिम आदेश में बदलाव कर दिया है, जिसमें उन्होंने सिर्फ एलपीजी और जन वितरण प्रणाली के लिए आधार के इस्तेमाल की इजाजत दी गई थी। पीठ ने सरकार को 23 सितम्बर 2013 के उस आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है, जिसमें कहा गया था कि ऐसे व्यक्ति को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से महरूम नहीं रखा जा सकता है, जिसके पास आधार न हो। 

पांच सदस्यीय पीठ ने कहा कि जब तक आधार की संवैधानिक वैधता को लेकर बड़ी का निर्णय नहीं आ जाता तब तक आधार पूरी तरह से स्वैच्छिक रहेगा। मालूम हो कि रिजर्व बैंक आॅफ इडि़या, यूआईडीआईए, सेबी, ट्राई सहित कई अन्य आथाॅरिटी ने याचिका दायर कर 11 अगस्त के अंतरिम आदेश में बदलाव करने की गुहार की थी। इन आथाॅरिटी का कहना था कि इस अंतरिम आदेश के कारण सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फायदा लोगों तक पहुचांने में परेशानी आ रही है।

बृहस्पतिवार को सनुवाई के दौरान आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायधीश के एस पुटटास्वामी की पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने आधार के दायरे को बढ़ाने वाली याचिकाओं का पुरजोर विरोध किया। इस पर पीठ ने दीवान से पूछा कि आपका यह कहना है कि आधार कार्ड के लिए बायोमैट्रिक्स डाटा लिया गया है। इसका दुरूपयोग हो सकता है।


Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand
26 October, 2015

Wednesday, September 23, 2015

आखिर कब तक वौट बैंक के लिए आरक्षण दिया जायेगा।



सामाजिक-आर्थिक बराबरी का लक्ष्य हासिल करने के लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई थी  और 65 साल के अन्तराल भी  आरक्षण की व्यवस्था जस की तस बनी हुइ्र है। आर एस एस प्रमुख मोहन राव भागवत ने जिस अधिकार के साथ आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने का सुझाव दे डाला है वह बिल्कुल सही है। अब उनके साथ शिव सेना ने भी यही बात कही है। आरक्षण से राजनितिक पार्टीया अपनी सत्ता बचाये रखना चाहती है

बिहार में आरक्षण के उपर हो रही राजनीती से यह साबित हो गया कि हमारे देश का सिस्टम कितना लचर है। हर कोइ पाटी्र आरक्षण के पक्ष में हैं। आरक्षण से हो रहे नुकसान को कोइ्र पाटी देखना नही चाहती है। सरकारी नौकरी पाने का सबसे आसान तरीका है आरक्षण।

एक तरफ देश में हर साल बेरोजगारों की संख्या बढती जा रही है। दूसरी तरफ राजनितिक पाटी्रया अपना उल्लू सीधा करने में लगी हुइ है। 

एक के बाद एक जातीयाॅ देश में आरक्षण का लाभ लेना चाहेंगे। पहले गुज्ररो ने आरक्षण के लिए माॅग उठाइ्र और गुजरात में पटेल  समुदाय ने भी माॅग उठाइ है और धीरे धीरे देश मे और जातियाॅ भी इसके लिए आन्दोलन करेगी। आरक्षण से नौकरी पाने का सबसे सरल तरीका है, आरक्षण  की आड मे आज हर राजनिति पार्टीया अपना उल्लू सीधा करते रहते है और समय समय पर वोट बैंक की राजनीति के कारण आज आरक्षण जस का तस बना हुआ है।

एक समय ऐसा आयेगा जब सवण्र तबके के लोगों आरक्षण के लिए आवाज उठाना शुरू कर देगे। समय रहते अगर आरक्षण जैसे सवेदनाशील मसले पर सरकार चेती नही तो उन दिन दूर नही है जब आरक्षण के लिए खूनी खेल शुरू हो जायेगा।

केन्द्र एंव राज्य सरकारों को नौकरीयों में आरक्षण खत्म कर देना चाहिए। आरक्षण सिफ्र पढाइ्र में देना चाहिए और उन परिवारो ंको सरकार को आथिक्र सहायता देनी चाहिए। जिससे गरीब एंव पिछडें तबके के लोगों को शिक्षित  बनाया जाए ताकि वे अपने पैरों पर खडे हो सके 

आज लगभग हर सरकार एंव राजनितिक पाटी्रयों की आरक्षण के उपर दो राय है एक तकबा चाहता है कि आरक्षण मिले और दूसरा चाहता है कि आरक्षण खत्म होना चाहिए लेकिन सरकारे वोट बैक के कारण इस आरक्षण रूपी तुरूप के इके को खोना नही चाहते है।

आरक्षण को जातीय आधार पर देना चाहिए एंव उन जातियों की मिलना चाहिए जो आज भी विकसित नही हो पाये है। जिनका विकास अभी तक नही हो पाया है।

आर0एस0एस0 प्रमुख मोहन का बयान राजनिति प्रेरित नही इसलिए उन्होने आरक्षण के उपर अपनी सही राय दी ताकि देश में किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव न हो सेके ।

खासतौर अल्पसख्यको की हिमायती एंव राज्य स्तरीय पाटी्रया आरक्षण के पक्ष में है, आरक्षण से क्षेचीय पाटी्रया अपनी राजनितिक रोटीया सेकते है 



Durgesh Ranakoti
Dehradun Uttarakhand
24 Sep. 2015