Saturday, November 17, 2012

काॅग्रेस पार्टी में रीतिकालीक समाज की तरह




आज काॅग्रेस पार्टी में रीतिकालीक समाज की तरह चाटुकारिता पूर्ण बाते  बहुत हो रही है काग्रेस पार्टी में राहुल गाॅधी एंव सोनिया गाॅधी की तारीफो के पुल बाध रहे हैं। हर कोई राहुल गाॅधी को सिपेशालार बनाने को तुला हुआ है।  कोई राहुल गाॅधी को भावी प्रधानमंत्री बनाने को तैयार है। 

क्या 1 अरब की आबादी वाले देश  में सिर्फ वशवादी पंरम्परा को बढ़ावा   देने का काम चल रहा है। किसी भी काग्रेस पार्टी वाले नेताओं में इतनी हिम्मत नही है कि वह वशवादी पंरम्पराओं को खत्म कर कह सके समानता का अधिकार एंव वर्शो से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने एंव अहम पदो पर भाई भतीजा वादी पंरम्परा को खत्म हो जाना चाहिए। सिर्फ योग्य व्यक्ति ही आगे आना चाहिए। चाहे वाह किसी पार्टी मेे हो या छोटा बड़े का फरक खत्म हो जाना चाहिए। 

क्या इतनी बडी काग्रेस पार्टी में कोई प्रधानमत्री पद का उम्मीदवार नही बचा है जो देखो राहुल गाॅधी को प्रधानमंत्री बनाने पर तुला हुआ है।