Saturday, December 29, 2012

भारतीय क्रिकेट टीम



भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को तीनों फार्मेट में कप्तानी नही करनी चाहिए, 


बी0सी0सी0आई0 को महेन्द्र सिंह धोनी की जगह सहवाग को टेस्ट टीम का कप्तान बनाना चाहिए एंव प्रदर्षन के आधार पर ही टीम का चयन होना चाहिए, विरेन्द्र सहवाग के प्रदर्षन के हिसाब से उनको वन-ंउचयडे के साथ-ंउचयसाथ टी020 में भी रखना चाहिए, क्योंकि सहवाग कम गेंद खेलकर हमेषा ज्यादा रन बनाते हैं टी020 में उनकों टीम में नही रखा गया है यह सम-हजय से परे है सहवाग का फार्मेट हमेषा तेेज खेलना का ही रहा है पर उसको टीम में न रखना समझ  में नही आता है , वैसे कही पूर्व दिग्गज कह चुके है कि धोनी को टेस्ट टीम की कप्तानी छोड देनी चाहिए 


Durgesh Ranakoti
Dehradun Uttarakhand

Thursday, December 27, 2012

गाडीयों में ब्लैक फिल्म


गाडीयों  में ब्लैक फिल्म

भारत देश  में गाडीयों  में ब्लैक फिल्म पर पूर्णतः प्रतिबन्घित होना चाहिए जिससे अपराधो एंव बलात्कार जैसी घटनाओं पर अंकुष लागाया जा सके, देश में सिर्फ अतिविषिश्ट व्यक्तियो (प्रधानमंत्री,राश्ट्रपति एंव जेड श्रेणी के व्यक्तियो को छोडकर ) सभी वाहनों की फिल्म उतार देनी चाहिए , चाहे वह कितना भी अमीर व्यक्ति क्यो न हो
माननीय उच्चतम न्यायालय के दिषा निर्देषो का अनुपालन षक्ति से करवाना चाहिए था , जिससे इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके
भारत सरकार एंव सभी राज्य सरकारों को इस दिषा में कदम उठाना चाहिए गाडि़यो ब्लैक फिल्म पूर्णतः प्रतिबन्घित कर देना चाहिए


Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand

Friday, December 21, 2012


भारतीय जनता पार्टी में वरिश्ठतम नेता माननीय आडवाणी जी की बातो पर ध्यान एंव अमल करना चाहिए उन्होने पार्टी के लिए अपना सर्वस्य न्यौछावर किया है उनकी नसीहतो को पार्टी को हमेषा अमल में लाना चाहिए वे देष के सबसे कददावर एंव बुद्विमान नेता है और भारतीय जनता पार्टी मे प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार है उनको पार्टी में हमेषा किंगमेकर का रोल निभाना चाहिए जिससे पार्टी में पद की लालसा के चक्कर में नेतागण आपष में न लडे जिस तरह काॅग्रेस में सोनिया गाॅधी है, काॅग्रेस में हाईकमान की बाते सभी मानते है चाहे वह छोटा नेता या बड़ा नेता/कार्यकरता हो सभी अपनी सीमा में रहते है भा0ज0पा0 में आडवाणी जी के बाद पार्टी में प्रधानमंत्री पद के बहुत सारे उम्मीदवार है पार्टी के नेतागणों को एक सुर मे बोलना चाहिए है तथा नेतागणों को मिडिया के सामने अनाप-ंउचयसनाप अपने बयान नही देना चाहिए सार्वजनिक नही करने चाहिए जिससे पार्टी की छवि धुमिल न हो इससे पार्टी का समाज/जनता के बीच में पार्टी का गलत मैसेज जाता है
प्रमोषन में आरक्षण वाले मसले पर पार्टी अगर आरक्षण का समर्थन करती तो निसंदेह लोकसभा चुनाव 2014 मे पार्टी को बहुत नुकसान उठाना पड़ता, सवर्णो की पार्टी कही जाने वाली भा0ज0पा0 सवर्णो के साथ नही खडी हुई।
आरक्षण एक अभिसप्त है जिसे आम आदमी कभी नही चाहता है कि किसी भी सख्ष को आरक्षण की वजह से नौकरी मिले, समानता का अधिकार होना चाहिए
इसमे भा0ज0पा0 को अपने वरिश्ठतम नेताओं की राय लेना चाहिए, जिससे पार्टी में अनुषासन बना रहे।

हाईकमान


भारतीय जनता पार्टी में वरिश्ठतम नेता माननीय आडवाणी जी की बातो पर ध्यान एंव अमल करना चाहिए उन्होने पार्टी के लिए अपना सर्वस्य न्यौछावर किया है उनकी नसीहतो को पार्टी को हमेषा अमल में लाना चाहिए वे देश  के सबसे कददावर एंव बुद्विमान नेता है और भारतीय जनता पार्टी मे प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार है उनको पार्टी में हमेषा किंगमेकर का रोल निभाना चाहिए जिससे पार्टी में पद की लालसा के चक्कर में नेतागण आपष में न लडे जिस तरह काॅग्रेस में सोनिया गाॅधी है, काॅग्रेस में हाईकमान की बाते सभी मानते है चाहे वह छोटा नेता या बड़ा नेता/कार्यकरता हो सभी अपनी सीमा में रहते है भा0ज0पा0 में आडवाणी जी के बाद पार्टी में प्रधानमंत्री पद के बहुत सारे उम्मीदवार है पार्टी के नेतागणों को एक सुर मे बोलना चाहिए है तथा नेतागणों को मिडिया के सामने अनाप-ंउचयसनाप अपने बयान नही देना चाहिए सार्वजनिक नही करने चाहिए जिससे पार्टी की छवि धुमिल न हो इससे पार्टी का समाज/जनता के बीच में पार्टी का गलत मैसेज जाता है
प्रमोषन में आरक्षण वाले मसले पर पार्टी अगर आरक्षण का समर्थन करती तो निसंदेह लोकसभा चुनाव 2014 मे पार्टी को बहुत नुकसान उठाना पड़ता, सवर्णो की पार्टी कही जाने वाली भा0ज0पा0 सवर्णो के साथ नही खडी हुई।
आरक्षण एक अभिसप्त है जिसे आम आदमी कभी नही चाहता है कि किसी भी सख्ष को आरक्षण की वजह से नौकरी मिले, समानता का अधिकार होना चाहिए
इसमे भा0ज0पा0 को अपने वरिश्ठतम नेताओं की राय लेना चाहिए, जिससे पार्टी में अनुषासन बना रहे।


Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand

Thursday, December 20, 2012

बालात्कार की घटनाए



कितनी बिड़बना है इस देश  कि एक तरफ देश में महिलाॅए असुरक्षित दूसरी बालात्कार की घटनाए आए दिन बढती ही  जा रही है सरकार एंव राजनितिक पार्टीया सिर्फ अपना उल्लू सीधा करने पर जुटी रहती है किसी को स्त्री धन की चिंता नही और उस पर और महान पूरा देश उस मासूम की चिंता मे डूबा हुआ और सरकार अपना राजनितिक उल्लू सीघा करने के लिए आरक्षण बिल पास करवाने पे लगी है। इस तरह केे मसलो पर सरकार एंव राजनितिक पार्टीयो का ध्यान क्यों नही जाता स्त्री पर बार-ंउचयबार हमले होते कभी उस पर तेजाब छिड़का जाता है अपराधी बेखौफ होकर घूम रहे होते है सरकार उन अपराधीयो को रोकने के बजाय सिर्फ वोट बैक ब-सजय़ाने का काम कर रही आम आदमी एंव महिलाए उन लागातार अत्याचार हो रहे है सरकार ने उनको रोकने के बजाय वोट बैक ब-सजय़ाने का काम करती है जबकि सरकार को आम आदमी की सुरक्षा से सम्बधित कानूनो को बनाना चाहिए जिससे इस प्रकार की घटनाए भविष्य में न हो। 

Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand

Tuesday, December 11, 2012


जब कभी जाम एंव टैक्स के विरोध मेें व्यापारीगण बंद/चक्का जाम रखते है तो आम जनता के साथ-ंउचयसाथ व्यवसायिक संस्थानों एंव कालेज, स्कूल एंव प्रषिक्षण संस्थानों को भी उनका साथ देना चाहिए महगांई के विरोध में जब बंद था तो भारत वर्श में कई व्यवसायिक संस्थानों एंव कालेज, स्कूल एंव प्रषिक्षण संस्थान खुले थे तो समज में नही आ रहा था कि ये लोग मंहगाई के पक्ष में थे या विरोध में महगांई से आज पुरा समाज परेषान है क्या इनको आम आदमी से कोई लेना देना नही है। आज समाज में महगांई आम आदमी के लिए दो रोटी जुटाने के लिए भी कडी मेहनत मषक्त करनी पडी रही है यू0पी0ए0 गवरमेन्ट में एक निर्णय की गाॅवों में 19 एंव षहरो में आम आदमी 26रू0 मेे जीवन बसर कर सकता है। भारत सरकार के निर्णय से ग्रामीण एंव षहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार एंव योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आलूवालिया की बहुत किरकिरी हुई। आज फिर से यू0पी0ए0 गवर्मेट ने हर हाथ में मोबाइल का ऐजंडा है भारत जैसे देष में जहाॅ आज भी गरीबी व्यापत है बहुत सारे घरो में आज भी दो वक्त की रोटी नसीब नही है वहाॅ पर भारत सरकार का हर हाथ मोबाइल का एजेडा बेतुका बयान है एक तो जनता मंहगाई से परेषान है एक तरफ रसोई गैस सेलेण्डरो से सब्सीडी खत्म कर दी गयी और रसोई गैस आम आदमी एंव गरीब आदमी की पहुच से दूर होता जा रहा है आम आदमी की मूल-ंउचयभूत आवष्यकताओं की चीज रोटी,कपड़ा और मकान की चीजो मे बेहतासा वृद्वि कर रहा है इसके खिलाफ सभी लोगों को मिल-ंउचयजुल कर साथ देना चाहिए 

Saturday, December 8, 2012


पत्राचार से दी गयी षिक्षा आज युवा वर्ग भारत वर्श मे षिक्षा का बाजारीकरण हो रहा है जो कि देष के लिए भी ठीक नही है सिर्फ पैषो के आधार पर डिग्रीयाॅं खरीदी जा रही है। पत्राचार के माध्यम से दी गयी षिक्षा दूरस्थ षिक्षा के नाम पर संस्थान खोले जा रहे है तथा उन से दी जाने वाली षिक्षा की गुणवता पूर्वक षिक्षा का अभाव है दूरस्थ षिक्षा में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा कराने के तौर तरीके पर सवालिया निषान आज भी जस का तस बना हुआ है। जबकि षिक्षा एक अहम मुद्दा है कोई भी देष तभी विकसीत राश्ट्र नही बन सकता ़है जब तक उसके सभी नागरिक षिक्षित न हो भारत सरकार को एंव राजनीतिक पार्टीयों को दल गत भावनाओ से उप उठकर देषहित मेे सोचना चाहिए कि षिक्षा का बाजारीकरण न हो 

बराक ओबामा के द्वारा चुनाव जितने के बाद दिया भाषण



बराक ओबामा के द्वारा चुनाव जितने के बाद दिया भाषण 


बराक ओबामा के द्वारा चुनाव जितने के बाद दिये गये स्टेटमेन्ट कि अमीर-गरीब छोटा-बड़ा देषी विदेषी काला-गोरा एंव हिन्दू, मुस्लिम, यहूदी, समलैगिक एंव वह किसी भी जाती का हो वह अमेरिकी गैर अमेरिकी उससे कोई फर्क नही पड़ता बस काम ईमानदारी से एव कर्तव्य निश्ठा करना जरूरी और देश  के प्रति ईमानदार  होना जरूरी है। 

उनके द्वारा दिये गये स्टेटमेन्ट से यह साबित होता है कि जात पात और धर्म से उपर उठकर देश वासीयो ने उन्हे वोट दिया है यही फर्क विकसीत एंव विकासशील देशों में है वह जात पात एंव धार्मिक भावनाओ से ओत प्रोत हो कर दलगत भावनाओ से उपर उठकर उन्होने यह बयान दिये इस तरह उन्होने और देशों को भी यह नसीहत दी की काम को तवोज्जो दी जाए न की जाति पाती भेदभाव दलगत भावनाओ से उपर उठकर उन्होने अपने आप को साबित किया है। विकाषील देशों को भी इस का अनुसरण करना चाहिए। 

दुर्गेश रणाकोटी