Thursday, December 12, 2013

चार राज्यों के विधानसभा परिणाम


चार राज्यों  के विधानसभा परिणाम

 चार राज्यो के विधानसभा परिणाम से यह साबित होता है कि भाजपा की लहर तो है लेकिन भाजपा के लिए चिंता का विशय भी है कि केन्द्र में अरविंद केजरीवाल जैसा परचम वह नही लहरा पाये जबकि जनता काॅग्रेस की नीतियो एंव मंहगाई और भ्रश्टाचार से जनता इतनी त्रासद है कि काॅग्रेस का जिस तरह से दिल्ली और राज्यो में खासतौर पर राजस्थान और मध्यप्रदेष में काॅग्रेस का सूपड़ा साफ है। काॅग्रेस अब अगामी 10 सालो तक सत्ता में नही आ सकती। लेकिन इसका पूरा फायदा भाजपा भी नही ले पा रही इनकी अंदरूनी लड़ाई के खासतौर पर इनको नुकसान पहुचाया है|

जिस तरह से जनता का मिजाज है उस तरह से तो भाजपा का पंरचम हर राज्य में आसानी से फैलना चाहिए था पर वह हो नही सका इसके लिए भाजपा को भी अबी अपनी गलतियांे से सबक लेना चाहिए और अपने को और मजबूत करना चाहिए, सही एंव ईमानदार छवि वाले नेताओं पर दाव खेलना चाहिए न कि दागी नेताओं का साथ देना चाहिए तभी भाजपा को असली फायदा लोकसभा चुनाव में मिलेगा। एक जुट होकर सभी नेताओं को साथ लेकर चुनाव की तैयारी करनी चाहिए। पद का लालच नही करना चाहिएं 

मोदी लहर का असली पता तब चलेगा जब वह दक्षिण भारत और पूर्वी भारत में जिन राज्यों में भाजपा का एक भी उम्मीदवार नही वहाॅ भी अपने -हजयड़े गाड़ दे।, मोदी के साथ-साथ पूराने दिग्गजो को साथ लेकर भी चलना होगा। जिससे उनके राजनितिक अनुभवों का फायदा भा0ज0पा0 को हो सके।


दुर्गेश रणाकोटी
देहरादून, उत्तराखण्ड
09 दिसम्बर 2013

Monday, December 9, 2013

Indian Rupees




 भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटों की बार्बदी एव मौरल वैल्यू को लेकर चिंता जताई कि किस तरह भारत में शादी ब्याह में धार्मिक स्थलो पर एंव नेताओं को माला पहनाने को लेकर अपनी षान सम-हजयते हैं ।

राष्टीय मुद्रा का इस्तेमाल माला बनाने , पड़ाल सजाने , पूजा स्थलों पर या सामाजिक आयोजनों के दौरान लुटाने में नही होना चाहिए। इससे नोटों को नुकसान होता है और उनकी सेल्फ वेल्यु कम हो जाती है। इस तरह से नोटों पर लिखने से एंव धार्मिक स्थलों में च-सजय़ावे से उनकी हालात पतली होती है। इस तरह से नोटों की हालत पतली होती है। और वे समय से पहले खराब हो जाते है जिस कारण सरकार को करोडों रू0 का नुकसान होता है और नोट समय से पहले खराब हो जाते हैं।


दुर्गेश रणाकोटी
देहरादून, उत्तराखण्ड
09 दिसम्बर 2013

Wednesday, November 27, 2013

SKIPPING TO GOOD HEALTH



                      SKIPPING TO GOOD HEALTH  

Exercise is the vital essence of human body. It can be in any form, may be swimming, rowing, aerobics, to give you better and all round body development. When we talk about ‘EXERCISE’, instantly our mind strikes of ‘muscular movement’, which helps in improving blood circulation and to strengthen the heart and skeleton, it involves oxygen intake and outdone known as ‘CARDIOVASCULAR SYSTEM’. Such kind of cardiovascular activity is ‘jumping through a skipping rope’.

    Jumping rope is an intense and effective activity. Skipping can actually tone the muscles of upper as well as lower body. Besides it promotes definition of abdominal muscles and reduces cellulite, such as marching and running in place while turning rope alongside your body. According to a research 10 min. of jumping is equal to 30 min. running at 6mph . It burns calories at a good pace of 150 lb for 120 times jump.
     
Rope jumping involves your co-ordination, speed and agility-which can vastly improves performance in other sports. Jumping rope is a
style workout thus developing power speed and endurance in your calves.
    If you are looking up for fat burning, try rope jumping in morning before your breakfast. Always give enough time for warm up and cool down, get to the principles of warming the muscles for few minutes before performing stretching with the group. Pay attention to arms, shoulders, neck and hamstrings. A list of minimum stretching would be:

·        Head swing
·        Shoulder roll
·        Arm stretch across chest, behind back and up top ceiling
·        Trunk twister Groin stretch
·        Calf stretch


Durgesh Ranakoti 
Dehradun, Uttarakhand
27 November 2013

Monday, November 18, 2013

Gentleman Cricketer


भद्रजनो के खेल में एक भद्रपुरूष  सचिन तेंदुलकर की विदाई

क्रिकेट जीवन की तमाम चुनौतियों के बावजुद भी 24 साल के लम्बे अन्तराल के बाद जिस विदाई के वो हकदार थे सारा देश एंव सारे विष्व में क्रिकेट प्रेमी, एंव टाइम्स मैगजीन ने भी इस बात को प्रमुखता के साथ उठाया है, और उनके तस्वीरो को सा-हजया किया है। 

सचिन ने अपने व्यवहार एंव कुशलता  और सादगी से विदाई ली, अपने पूरे क्रिकेट जीवन मे सभी का सम्मान किया और सभी का सम्मान उनको मिला और सदा सदा के लिए क्रिकेट इतिहास मे अपना नाम स्वर्णिम अक्षरो में अकित कर दिया। सारे समकालिन क्रिकेटर भी इस लिटिल मास्टर के मुरीद हो गये, नये खिलाडियो को उनके पद चिन्हो पर चलने की प्रेरणा दे दी।  और कभी भी अहम को अपने ऊपर हावी नही होने दिया और भारत सरकार ने क्रिकेट मे अविस्मरणीय प्रदर्शन  के लिए देश  का गौरव भारत रत्न से उनको सम्मानित किया।


दुर्गेश रणाकोटी
देहरादून, उत्तराखण्ड
18 नवम्बर 2013


Friday, November 8, 2013

Tulsi


Tulsi

In India the tulsi herb is worshipped as a sacred plant. It is a part of Indian households, typically grown in earthen pots in the family home of garden. It is also an important part of Indian’s holistic health system and because of its potential health benefits, it has been for centuries.

Tulsi is rich in antioxidants and contains hundreds of beneficial compounds known as photochemical. These compounds possess potential adaptogenic properties, which mean they help your body to adapt and resist stress, as well as immune –enhancing properties that may help promote your general health. It’s because of these numerous and wide- ranging benefits that I now recommend tulsi tea as a delicious and healthy alternative to coffee. But there was something else that really drew me t one company in particular, organic India this company, which manufacture original tulsi tea mix and Holy Basil capsules is committed to helping preserve and endeavour with Taj Mahal is evidence of that.


Tuesday, October 29, 2013

धर्म के नाम पर


धर्म  के नाम पर 


धर्म के नाम पर देश में कुछ भी कर सकतें है। भारत में धर्म के नाम लूट हैं अभी हाल में मध्य प्रदेश  के दतिया में भगदड मचने से 110 से ऊपर  श्रद्वालुओं की मौत हो गई है। धर्म के नाम पर इस कदर पागल पन्ती है। धर्म के नाम पर एक दूसरे को बहलाकर कश्मीर  में आंतकवाद फैलाया जाता है, और हम एक दूसरे के खून के दुष्मन बन जाते है।

चाहे वह अयोध्या हो या गोधरा एंव मुम्बई बम ब्लाट हो या पंजाब में आतकवाद यह सब हम लोगों को धर्म के नाम पर लड़ा दिया जाता है इसकी सबसे ज्यादा मार गरीब, असाय एंव अषिक्षित लोगों पर पड़ती है।, वो लोग उन्माद एंव जोश  में आकर अपना सब कुछ गवा बैठते है। 

आज 21 वी सदी में हमारे देश में धर्म के नाम पर एक दूसरे के खून के प्यासे हो रखे है एक तरफ 26 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से निचे जीवन यापन कर रही है और हम आज तक पिछडे़ है। आज भी हम खोखले रिती रिवाजो के चक्कर में पड़कर देश  के साथ-साथ अपना नुकसान कर रहे है।

हम आज तक इसलिए पिछडे़ हुए है, क्योंकि हम आज तक जात-पात, रीतिरिवाजों, क्षेत्रवाद, आरक्षण, गरीबी , अषिक्षा और वोट बैंक की राजनीति के कारण हम आज तक विकशित  देश  की श्रेणी में नही आ सके क्योंकि हम आज भी दकियानुसी बातों के चक्कर में पडे़ है। हमें आगे बढ़ने  के लिए इन सब बातो को छोड़कर सिर्फ हम इंसान है और काम पर ध्यान देना चाहिए। 

आरक्षण के कारण अयोग्यता को बढ़ावा दिया जा रहा है। आजादी के समय यह आरक्षण सिर्फ 10 सालो के लिए लागू किया गया था। लेकिन वोट बैंक की राजनिति के कारण यह अब कभी भी खत्म नही होने वाला है। और जो पिछड़े हैं वो पिछड़े ही रहेगे वो आज भी आजादी से अब तक पिछड़े लोग पिछड़े ही है। राष्ट्रीय राजनितिक पार्टीया भी सिर्फ वोट बैंक के कारण देश का नुकसान कर रहे हैं। क्षेत्रीय पार्टीयों को जो काम करना चाहिए था, उन कामों को राष्ट्रीय पार्टीया कर रही है।

 कम से कम काॅग्रेस पार्टी एंव भारतीय जनता पार्टी को देशहित में सोचना चाहिए जिससे देश का विकास हो सके और विकासशील देश विकसित देश की श्रेणी में आ सके।


दुर्गेश रणाकोटी
देहरादून, उत्तराखण्ड
29 अक्टूबर 2013

Friday, October 11, 2013

Equal justice



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Thursday, September 19, 2013

Doller vs ruppes



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19 flrEcj 2013

Wednesday, September 18, 2013

Bad Policies


       Bad Policies Not only push up food prices they also affect Political fortunes

wholesale prise to a six month high of 6.1 % in August largely fuelled by a 244.6 % increase in Onion  prices, is bad news for the economy . not only does it set back hope of a rate cut to boost investments in the monetary police review by the R.B.I.  at the end of the . it also highlight  the government continuing inability to manage the food economy and the rein in volatility of food prise

  

कृषि प्रधान देश


कृषि  प्रधान देश  होने के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति खराब है

कृषि  प्रधान देश होने के बावजूद भी देष की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। महंगाई इस कदर ब-सजय़ चुकी है कि गरीब आदमी का दो वक्त की रोटी भी नसीब नही हो सकती है। ईधन, प्याज, सब्जियो के दाम आसमान छू रहे है। बीते अगस्त खाने-पीने की चीजों की महंगाई तीन साल में सबसे ज्यादा 18.18 फीसदी ब-सजय़ी है। थोक मूल्य सूचकाॅक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मंहगाई दर ब-सजय़कर 6.1 फीसदी पर पहुॅच गई है।

पिछलेे साल के मुकाबले प्याज इस साल अगस्त में 245 फीसदी (करीब -सजय़ाई गुना) महंगा हुआ है। जबकि सब्जियो के दाम 78 फीसदी, डीजल पर 27 फीसदी, एल0पी0जी0 पर तकरीबन 8 फीसदी महगाई ब-सजय़ी है। और जिसका सीधा असर हमारे पेट पर पडने वाला है। काॅग्रेस सरकार की आर्थिक नितियो के चलते महंगाई आसमान छू रही है। सरकार को उत्पादन को ब-सजय़ावा देने के लिए कारगार उपाय करने चाहिए। सरकार को जमाखोरो के खिलाफ सख्त कारवाई करनी चाहिए। 

रू0 के घटने के कारण भारत मे महंगाई ब-सजय़ी लेकिन आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए केन्द्र सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। ताकि सांसदो द्वारा दिये गये पाॅच और बारह रू0 में खाना खाने का सपना पूरा हो सके। आम आदमी का सरकार के ऊपर से विष्वास उठ चुका है, सरकार चाहे खाने-पीने की वस्तुॅए हो या आम जरूरत की चीजो, तेल पर भी कोई नियंत्रण नही रख पाई है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने वालो को दो वक्त की रोटी के लिए भी खून पसीना एक करना पडे़गा क्योंकि जरूरत की सभी चीजो के दाम दोगुने हो चुके है।


दुर्गेश  रणाकोटी
देहरादून, उत्तराखण्ड
18 सिंतम्बर 2013 

Weak Indian Economy


भारत की आर्थिक स्थिति

कृषि  प्रधान देश  होने के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति खराब है

कृषि  प्रधान देश होने के बावजूद भी देश की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। महंगाई इस कदर बढ़ चुकी है कि गरीब आदमी का दो वक्त की रोटी भी नसीब नही हो सकती है। ईधन, प्याज, सब्जियो के दाम आसमान छू रहे है। 

बीते अगस्त खाने-पीने की चीजों की महंगाई तीन साल में सबसे ज्यादा 18.18 फीसदी बढ़ी  है। थोक मूल्य सूचकाॅक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मंहगाई दर ब-सजय़कर 6.1 फीसदी पर पहुॅच गई है।

पिछलेे साल के मुकाबले प्याज इस साल अगस्त में 245 फीसदी (करीब ढाई गुना) महंगा हुआ है। जबकि सब्जियो के दाम 78 फीसदी, डीजल पर 27 फीसदी, एल0पी0जी0 पर तकरीबन 8 फीसदी महगाई बढी  है। और जिसका सीधा असर हमारे पेट पर पडने वाला है। काॅग्रेस सरकार की आर्थिक नीतियों  के चलते महंगाई आसमान छू रही है। सरकार को उत्पादन को बढाने के लिए कारगार उपाय करने चाहिए। सरकार को जमाखोरो के खिलाफ सख्त कारवाई करनी चाहिए। 

रू0 के घटने के कारण भारत मे महंगाई बढ़ी,  लेकिन आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए केन्द्र सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। ताकि सांसदो द्वारा दिये गये पाॅच और बारह रू0 में खाना खाने का सपना पूरा हो सके। आम आदमी का सरकार के ऊपर से विष्वास उठ चुका है, सरकार चाहे खाने-पीने की वस्तुॅए हो या आम जरूरत की चीजो, तेल पर भी कोई नियंत्रण नही रख पाई है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने वालो को दो वक्त की रोटी के लिए भी खून पसीना एक करना पडे़गा क्योंकि जरूरत की सभी चीजो के दाम दोगुने हो चुके है।


दुर्गेश रणाकोटी
देहरादून, उत्तराखण्ड
18 सिंतम्बर 2013 

Saturday, August 17, 2013

Hindi Language

 
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17 tqykbZ 2013

Saturday, August 3, 2013

उत्तराखण्ड त्रासदी




उत्तराखण्ड त्रासदी को हुए छ  माह हो चुका है और अभी तक सरकारी में स्थिति जस की तस बनी हुई है और सरकार का ध्यान मंदिर जीर्णोधार पर ज्यादा है लोगों को बचाने एंव पुर्नवास और जिनका सब कुछ खत्म हो चुका है उनको बसाने के ऊपर ज्यादा होना चाहिए ताकि जनहानि से बचा जा सके । 

अभी हाल ही राहत एंव बचाव कार्य के लिए वहाॅ पर तैनात  नैैनिताल के एस0डी0एम0 श्री अरोड़ा मंदाकनी नदी के तेज बहाव में  बह गये थे । 

सरकार को पहले लोगों कि सलामति देखनी चाहिए उसके बाद सभी कार्यो पर ध्यान देना चाहिए । 


Tuesday, July 2, 2013

Uttarakhand disaster



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02 tqykbZ 2013 

Friday, June 28, 2013

Uttarakhand disaster



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28 twu 2013 

Thursday, June 27, 2013

Uttarakhand disaster






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27 twu 2013 




Wednesday, June 26, 2013

salute to indian army


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26 twu 2013 

Saturday, June 22, 2013


इस भयवाह त्रासदी के समय किसी तरह की राजनिति नही होनी चाहिए एंव नेताओ और बद्विजीवीयो को मीडिया के सामने अनाप-ंउचयसनाप बयान बाजी नही करनी चाहिए , जिससे जनता का गुस्सा और भड़के इस विपत्ति के समय पूरे प्रदेष को और देष को हम सभी के साथ निस्वार्थ भाव से खड़ा होना चाहिए। जिससे राहत कार्यो पर तेजी लायी जा सके , और नेताओं को भी वहाॅं पर ज्यादा भ्रमण नही करना चाहिए भ्रमण के चक्कर में राहत कार्यो में बाधा उत्पन्न होगी। वी0वी0आई0पी0 के आने पर षासन को व्यवस्था करनी पड़ती है जो इस समय सम्भव नही है। होलीकप्टर से नेताओं की जगह वहाॅ पर फसे लोगों की मदद की जा सके और षासन प्रषासन को आपदा कार्य में दखल अंदाजी नही करनी चाहिए , इस समय सिर्फ उन लोगों को वहाॅ से सुरक्षित स्थान पर ले जाना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाना ही मिषन होना चाहिए सभी राजनितिक पार्टीयो एंव सहायता समूहो को उनकी मदद के लिए एकजुट होकर सरकार का साथ देना चाहिए ताकि मानव जाति की इतनी ब-सजय़ी त्रासदी से बचाया जा सके, लापता लोगों की भी जल्दी से जल्दी -सजयूं-सजय होनी चाहिए लोगों को धैर्य से काम लेना चाहिए ताकि बचाव कार्यो में विलम्ब न हो। दूर संचार व्यवस्था को जल्दी से जल्दी से ठीक करना होगा, जिससे वहाॅ दूर-ंउचयदराज फसे लोग सरकार एंव अपने घर वालो तक कुषलछेप भेज सके, तथा उनके फंसे होने की जानकारी मिल जाएॅं


राहत कार्य वहाॅ कि स्थानीय जनता का हाल-ंउचयचाल भी पूछना चाहिए क्योंकि उन लोगों ने घर बार के साथ अपना सब कुछ खो चुके है। उनकी की ओर भी सरकार का ध्यान जाना चाहिए, इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय की प्रषंसा करनी होगी कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ग्रामीणो का पूर्नवास के लिए उन्होंने जो घोशणा कि है उसको अमलेजामा पहनाए जाए ताकि वह मात्र घोशणा बनकर न रह जाय


दुर्गेष रणाकोटी
देहरादून (उत्तराखण्ड)

22 जून 2013 


Friday, June 21, 2013

Uttarakhand disaster_2



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21 twu 2013 

Wednesday, June 19, 2013

Uttarakhand Disaster


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19 ebZ 2013

Buffer Zone




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19 ebZ 2013






Saturday, June 15, 2013

C.B.I.



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lh0ch0vkbZ dks jktfufr ls eqDr j[kuk pkfg, bl laLFkk dks Lora= cukuk pkfg,A lh0ch0vkbZ0 dk fu;a=.k ljdkj ds gkFk esa ugh gksuk pkfg, ftl rjg lqfize dksVZ Lora= bZdkbZ gS mlh rjg ls lh0ch0vkbZ0 dks Hkh Lora= bZdkbZ cukuk pkfg, Fkk] lh0ch0vkbZ0 vkt dsUnz ljdkj dh dViqryh ek= cudj jg x;k gS] lÙkk esa vkrs gh og foi{k esa cSBh ikVhZ ;k vius fojks/kh jktuhfrd ikVhZ;ksa dks lh0ch0vkbZ0 ds tfj, tkWp djokrh gS] D;k fdlh ljdkj us vius ea=h;ks dh tkWp tc og fdlh ?kksVkys esa idMs tkrs gSa rks mudh tkWp lh0ch0vkbZ0 ds ek/;e ls gqbZ gS] lh0ch0vkbZ0 dks dsUnz ljdkj dks Lora= ,ao fu”i{k tkWp ,stlh cukuk pkfg,] rkfd vke vkneh dk fo’okl lh0ch0vkbZ0 ij cuk jgs, vxj blh rjg og ljdkj ds v/khu jgh rks og viuh fo’olfu;rk [kks nsxk ] dsUnz ljdkj dks lh0ch0vkbZ0 dks jktuhfr ls nwj j[kuk pkfg, rkfd og fu”i{k tkWp ,atslh jgsbflfy, lqfize dksVZ us lh0ch0vkbZ dks QVdkj yxkbZ rkfd og dsUnz ljdkj dh dBiqryh u jgdj cu tk,Wa A

Friday, June 7, 2013

Control on B.C.C.I.



 Hkkjrh; fdzdsV daVªksy cksMZ ij Hkkjr ljdkj dk fu;a=.k gksuk pkfg,A] lHkh [ksyks ls T;knk iSlk bl [ksy esa gSA rFkk  Hknztuksa dk [ksy dgykus okyk ;g [ksy vHknz tuksa dk gksus yxk gS] bl [ksy ¼vkbZ0ih0,y0½ esa vc iSls ds vykok f[kykMh lqjk&lqfUnjh;ks ds mikld gks jgs gSA vrk/kqa/k iSls ds ckotwn Hkh f[kykMh lV~Vsckth esa fyIr ik;s tkrs gS ftlls Hknztuksa ds [ksy dks bu f[kykMh;ksa us ‘keZlkj fd;k gS bu ij dBksj ls dBksj dk;Zokgh gksuh pkfg,A rkfd fdzdsV vkSj cnuke u gks vkSj ljdkj dks dMk f’kdtk buds Åij dluk pkfg,] rkfd vkus okys f[kykMh vius ns’k ds fy, bZekunkjh ls [ksysA

Tuesday, May 21, 2013

Bar council of India


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Monday, May 20, 2013

भारतीय जनता पार्टी


                                        भारतीय जनता पार्टी


भा0ज0पा0 को कांग्रेस  पार्टी की तरह आलाकमान या फिर कोर कमेटी का गठन करना चाहिए जिसमें देष के प्रतिश्ठतम एंव बुद्विजीवी भा0ज0पा0 नेताओं की एक टीम का गठन करना चाहिए, जिससे की राज्यों एंव नेताओ की महत्वकाक्षाओं को पनप ने न देना एंव वरिश्ठतम पार्टी नेताओ की मनमानी को रोकना एंव उदयीमान नेताओ को भी इसमें षामिल करना एंव कोर/हाईकमान का निर्णय अंतिम मानना चाहिए। 

क्योंकि इससे नेताओ की महत्वकाक्षाओं में कमी आयेगी एंम कर्मठता के लिए पुराने एंव पार्टी के वफादार कार्यकताओं में मनोबल एंव उचित सम्मान मिलेगा।

कोर में अनुभवी कम से कम 25 से 30 साल का राजनितिक अनुभव एंव कर्मठ नेता एंव सांसद इसका सदस्य हो। इसका अध्यक्ष वरिश्ठतम एंव विद्वान और लम्बा राजनितिक अनुभव वाले नेता जिसकी पार्टी मे अच्छी पकड हो को बनाना चाहिए जैसे लाल कृश्ण आडवाणी जी और उस पर कोई आरोप या आक्षेप न लगा हो। 

और कोर कमेटी के सदस्यों मे जैसे सुषमा स्वराज, अरूण जेठली, नरेन्द्र मोदी, राजनाथ सिंह, षिवराज सिंह, रमन सिंह, जसवंत सिंह, यषवन्त सिन्हा, रंविषकर प्रसाद , भुवन चन्द्र खडूडी, अंनत कुमार उदयीमान नेताओे में षहनवाज हुसैन आदि। 

इससे लम्बे समय से पार्टी की सेवा कर रहे नेताओं का सम्मान भी बना रहेगा और लम्बे अनुभव के बाद उनकी उपेक्षा भी नही होगी और उनको कोई न कोई पद भी मिल जायेगा । और पार्टी में वर्चस्व कि लड़ाई भी नही होगी, पर्फोमेंस के हिसाब से पार्टी में कार्यकताओं और नेताओं का कद अपने आप सिद्व हो जायेगा। इससे पैसे की राजनीति एवं धन बल से पार्टी में कद तय नही होगा बल्कि आपका काम आपका कद तय करेगा।

जिससे नेताओं के बीच असन्तुश्टता की भावना नहीं पनपेगी जिस तरह भा0ज0पा0 में पहले अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान हो रही थी और आलाकमान के फैसले का विरोध होता है वह सब बन्द हो जायेगा आपकी काबलियत ही आपको पद दिलायेगा जो नेता कार्यकताओ की पंसद होगा उसी को टिकट मिलेगा । और अनुषासन को बल मिलेंगा जो नेता अनुषासन तोडेगा, उसके खिलाफ अनुषासनात्मक कार्यवाही की जायेगी और किसी भी सक्स को बक्सा नही जायेगा जो अनुषासन तोडेगा, पार्टी से ब-सजय़कर कोई नेता नही है। 

और फिर चुनाव टीम घोशित हुई उससे भी पार्टी नेताओं में असन्तुश्टता की भावना थी कुछ वरिश्ठ नेताओं की इसमें अनदेखी की गई थी। 
इसमें प्रत्येक राज्य के एक वरिश्ठतम एंव उदयीमान नेता कम से कम एक होना चाहिए था। लोकसभा चुनाव में पार्टी कार्यकताओं एंव वरिश्ठ नेताओं को इसमें षामिल करना चाहिए और उनकी अनदेखी नही होनी चाहिए ।

Wednesday, April 24, 2013

दुराचार की घटना


दुराचार की घटना 

दिल्ली में हुए पाॅच साल की बच्ची गुडि़या के साथ हुए रेप से हमारा देश  को फिर से शर्मसार हुआ है इस तरह इंसान वयस्सी बनता जा रहा पाॅच साल की बच्ची से रेप किया हमारे देश में लोगो की सोच जानवरो से भी बत्तर होती जा रही है वह इतना वयस्सी हो रहा है उसको बच्चे और बढ़ो तक का फर्क महसुस नही हो रहा है। आखिर इंसान को क्या हो गया है लेकिन हमारे सिस्टम की खामियों की वजह से इस तरह की घटना बढती  जा रही, लचीले कानून की वजह से अपराधी आसानी छूट जाता है लेकिन कब तक ऐसा चलेगा। 

हम लोगों को कुछ करना होगा इस तरह के लोगों को जब तक कठोर दण्ड न दिया जायेगा तब तक स्थिति नही सुधरने वाली नही है। सरकार तो कानून बना देगी इसके साथ-साथ सरकार को अश्लीलता पर भी रोक लगानी होगी, खुलेआम सार्वजनिक स्थानों पर हो रही अष्लीलता को बन्द करवाने के लिए सरकार को कडे कदम उठाने होगे,सार्वजनिक स्थान पर अष्लीलता करने वाले पुरूश स्त्री को भी दण्ड देना होगा, जिससे अष्लीलता और न बडे़, लेकिन पालन तो हमी लोगो को करना है। सरकार नियम कानून बनाने के बाद इतिश्री कर देगी। 

लेकिन कानून बनाने से क्या हमारी सोच बदलेगी समाज में जो ये गंदगी है उसको जड़ उखाडने के लिए हम लोगो को आगे आना चाहिए और सरकार का साथ देना चाहिए  जो लोग इस तरह की घटनाओ को अन्जाम देते है वो लोग मानसिक विकृत होते है और उनको जब तक कडी से कडी सजा न मिले तो वो बार-बार इस तरह की घटनाओ को अन्जाम देते आते है इस का ताजा उदाहरण ये अभियुक्त है।

इस प्रकार की घटनाओं में कोई राजनिति न करके सरकार को त्वरित कठोर कदम उठाकर सख्त सजा दिलानी चाहिए। इस प्रकार कि घटनाओं से हमारा देश बार-बार शर्मसार होता जा रहा है, पूरे विश्व में हमारी छवि खराब होती जा रही है इसका सीधा असर हमारे पर्यटन उद्योग पर पडेगा जो हमारे लिए ठीक नही है। 


दुर्गेश रणाकोटी 
देहरादून, उत्तराखण्ड । 

Friday, April 19, 2013

कैंसर की सस्ती दवा कि खोज


कैंसर की सस्ती दवा कि खोज 

कैंसर की सस्ती दवा कि खोज करके भारत ने एंव भारत के वैज्ञानिक डाक्टरो ने एक उत्कृश्ठ कार्य किया है
माननीय उच्चतम न्यायालय का निर्णय एक मील का पत्थर साबित होगा उन्होने स्वीज कम्पनी के पेटेन्ट के अधिकार को समाप्त कर भारतीय कम्पनीयो को दवा बनाने का लाइसेंस जारी कर दिया इससे 8000 रू0 प्रति माह के हिसाब से दवा मिलेगी इन से उन गरीब लोगों को फायदा मिलेगा जिनके पास इसके लिए पैसा नही था पहले इसके एवज में 1.3 लाख रू0 प्रति माह देने होते थे
इससे समय से पहले जीन लोगों की जीवन लीला कैंसर जैसी बिमारी के कारण समाप्त हो जाती थी अब वो भी कैंसर का इलाज करवा सकते है तथा असमय मुत्यु से उनको बचाया जा सकता है


Durgesh Ranakoti
Dehradun Uttarakhand

Thursday, April 18, 2013

पानी की कमी

पानी की कमी

पानी की कमी आज पुरे भारत वर्श में पानी की समस्या बरकरार है पीने के पानी की समस्या ग्रीश्मकाल में और ब-सजय़ जाती है जब पानी का जल स्तर गर्मीयों मे नीचे चला जाता । भा0ज0पा0 षासन में नदियो को जोड़ने की योजना अगर कारगार हुई होती तो आज देेष में पानी की कमी नही होती
जब पानी का जल स्तर गर्मीयों में कम हो जाता है। तो उत्तराखण्ड जैसे राज्य में भी पानी की कमी हो रही है जहाॅ देष की दो बड़ी नदियों का उद्गम स्थल है और जीवन दायनी गंगा यमुना सरस्वती भी तीनो का उद्गम स्थल उत्तराखण्ड ही है तो भारत के और राज्यो का क्या हाल होगा यह एक गम्भीर समस्या है
जल ही जीवन है और जल के बिना सब कुछ अधूरा है और संकटप्राय है इस समस्या से निजात पाने के लिए सरकार को गम्भीर प्रयास करने होगे और साथ-ंउचयसाथ जल के सरक्षण को महत्व देना होगा , पानी को संचित करवाने के लिए गाॅंव-ंउचयगाॅव जा कर पानी को संचित करने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा साथ वर्शा के पानी को संचित करवाना होगा बरसात में हजारो क्यूबीक लीटर पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है
सही तकनीक एंव प्रबन्ध न होने के कारण देष मंे जलीय संकट कि स्थिति पैदा हो रही है अगर पानी को बर्बाद न होने दिया जाय एंव उसका संरक्षण कर दिया जाए तो देष मे खुषहाली और समद्व बनाया जा सकता है

Durgesh Ranakoti
Dehradun Uttarakhand