Thursday, April 18, 2013

पानी की कमी

पानी की कमी

पानी की कमी आज पुरे भारत वर्श में पानी की समस्या बरकरार है पीने के पानी की समस्या ग्रीश्मकाल में और ब-सजय़ जाती है जब पानी का जल स्तर गर्मीयों मे नीचे चला जाता । भा0ज0पा0 षासन में नदियो को जोड़ने की योजना अगर कारगार हुई होती तो आज देेष में पानी की कमी नही होती
जब पानी का जल स्तर गर्मीयों में कम हो जाता है। तो उत्तराखण्ड जैसे राज्य में भी पानी की कमी हो रही है जहाॅ देष की दो बड़ी नदियों का उद्गम स्थल है और जीवन दायनी गंगा यमुना सरस्वती भी तीनो का उद्गम स्थल उत्तराखण्ड ही है तो भारत के और राज्यो का क्या हाल होगा यह एक गम्भीर समस्या है
जल ही जीवन है और जल के बिना सब कुछ अधूरा है और संकटप्राय है इस समस्या से निजात पाने के लिए सरकार को गम्भीर प्रयास करने होगे और साथ-ंउचयसाथ जल के सरक्षण को महत्व देना होगा , पानी को संचित करवाने के लिए गाॅंव-ंउचयगाॅव जा कर पानी को संचित करने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा साथ वर्शा के पानी को संचित करवाना होगा बरसात में हजारो क्यूबीक लीटर पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है
सही तकनीक एंव प्रबन्ध न होने के कारण देष मंे जलीय संकट कि स्थिति पैदा हो रही है अगर पानी को बर्बाद न होने दिया जाय एंव उसका संरक्षण कर दिया जाए तो देष मे खुषहाली और समद्व बनाया जा सकता है

Durgesh Ranakoti
Dehradun Uttarakhand 

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