Thursday, December 12, 2013

चार राज्यों के विधानसभा परिणाम


चार राज्यों  के विधानसभा परिणाम

 चार राज्यो के विधानसभा परिणाम से यह साबित होता है कि भाजपा की लहर तो है लेकिन भाजपा के लिए चिंता का विशय भी है कि केन्द्र में अरविंद केजरीवाल जैसा परचम वह नही लहरा पाये जबकि जनता काॅग्रेस की नीतियो एंव मंहगाई और भ्रश्टाचार से जनता इतनी त्रासद है कि काॅग्रेस का जिस तरह से दिल्ली और राज्यो में खासतौर पर राजस्थान और मध्यप्रदेष में काॅग्रेस का सूपड़ा साफ है। काॅग्रेस अब अगामी 10 सालो तक सत्ता में नही आ सकती। लेकिन इसका पूरा फायदा भाजपा भी नही ले पा रही इनकी अंदरूनी लड़ाई के खासतौर पर इनको नुकसान पहुचाया है|

जिस तरह से जनता का मिजाज है उस तरह से तो भाजपा का पंरचम हर राज्य में आसानी से फैलना चाहिए था पर वह हो नही सका इसके लिए भाजपा को भी अबी अपनी गलतियांे से सबक लेना चाहिए और अपने को और मजबूत करना चाहिए, सही एंव ईमानदार छवि वाले नेताओं पर दाव खेलना चाहिए न कि दागी नेताओं का साथ देना चाहिए तभी भाजपा को असली फायदा लोकसभा चुनाव में मिलेगा। एक जुट होकर सभी नेताओं को साथ लेकर चुनाव की तैयारी करनी चाहिए। पद का लालच नही करना चाहिएं 

मोदी लहर का असली पता तब चलेगा जब वह दक्षिण भारत और पूर्वी भारत में जिन राज्यों में भाजपा का एक भी उम्मीदवार नही वहाॅ भी अपने -हजयड़े गाड़ दे।, मोदी के साथ-साथ पूराने दिग्गजो को साथ लेकर भी चलना होगा। जिससे उनके राजनितिक अनुभवों का फायदा भा0ज0पा0 को हो सके।


दुर्गेश रणाकोटी
देहरादून, उत्तराखण्ड
09 दिसम्बर 2013

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