Thursday, May 29, 2014

नरेन्द्र दामोदर दास मोदी बने देश के 15वें प्रधानमंत्री

                                         
                    नरेन्द्र दामोदर दास मोदी बने देश के 15वें प्रधानमंत्री


16वीं लोकसभा में 15वें प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन के प्रागण में लगभग चार हजार मेंहमानों में शार्क देशों के राष्ट्रध्यक्ष, और यू0पी0ए0 अध्यक्ष सोनिया गाॅधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गाॅधी, पूर्व राष्ट्रपति ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम एंव कई नामचीन हस्तियो के बीच राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने शपथ दिलाई। इसमें 45 मंत्रियों में 23 कैबिनेट, 10 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 12 राज्यमंत्री हैं। यह वह ऐतिहासिक क्षण था जब देश में पहली बार कोई पूर्ण बहुमत वाली गैरकांग्रेसी सरकार बनी। इस शपथ ग्रहण समारोह के जो प्रमुख साक्षी रहे, उनमें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, मारीशस के पी0एम0 नवीन रामगुलाम, भूटान के पी0एम0 शेरिंग तोबगे, श्रीलंका के राष्ट्रपति महिद्रा राजपक्षे, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई, और मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुला यामीन और नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला आदि मौजूद थे।

मोदी मंत्रीमण्डल में राजनाथ सिंह गृहमंत्री, सुषमा स्वराज विदेशमंत्री, अरूण जेटली वित्त और रक्षा, नितिन गडकरी भूतल परिवहन, डी0वी0 सदंानद गौड़ा रेलमंत्री, उमा भारती जल संसाधन, नजमा हबदुल्ला अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, गोपीनाथ मुडे़ ग्रामीण विकास, कलराज मिश्र भारी उद्योग, मेनका गाॅधी महिला एंव बाल कल्याण, अंनत कुमार संसदीय कार्य, रविशंकर प्रसाद कानून और दूर संचार एंव सूचना प्रसारण, स्मृति ईरानी मानव संसाधन विकास, डाॅ हर्षवर्धन स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री और वैकैया नायडू और अंनत गीते मंत्रालय तह नहीं। इस मंत्री मण्डल सात महिलायें शामिल हैं, इसमें ऊर्जावान एंव युवाओं को तरहीज दी गई है और वशंवाद से दूरी एंव संघ की छवि भी साफ दिखी और मुरली मनोहर जोशी एंव यशंवत सिन्हा इस सरकार में जगह नही बना पाये। उत्तरप्रदेश से सर्वाधिक आठ मंत्री चार कैबिनेट, दो राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार), दो राज्यमंत्री बने। इस शपथ ग्रहण समारोह के लगभग चार हजार देशी-विदेशी नागरिक साक्षी रहे।

 इस मंत्रीमण्डल में उत्तराखण्ड एंव हिमाचल के जिम्मे एक भी सीट नहीं मिली 17 राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के खाते में एक भी सीट न आ सकी । हैरानी की बात यह है कि अटल सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे भूवन चन्द्र खडूडी जी को भी इस मंत्रीमण्डल जगह नही मिल पायी। इस मंत्री मण्डल में सबसे चैकाने वाला फैसला स्मृति ईरानी को मानव एंव संसाधन एंव विकास मंत्रालय की जिम्मदारी देना।
हाॅलाकि इतने जल्दी कुछ भी ठीक नही होगा क्योंकि दस सालों में काॅग्रेस ने देश को गर्त में ले गये, भाजपा सरकार के लिए इन परस्थीतीयों से निपटने के लिए अभी बहुत समय लगेगा, स्वयं मोदी जी केन्द्र में नया चेहरा है, उनसे अपेक्षाए बहुत हैं।

मोदी की असली परीक्षा अब है कि चुनौतियों से वह किस प्रकार से निपटते हैं। पार्टी में मंत्रालय वितरण एंव अस्तुष्ठ नेताओं और भ्रष्टाचार, मॅंहगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और आर्थिक विकास को पटरी पर लाने से वे किस तरह से निपटते हैं। 


दुर्गेश रणाकोटी 
देहरादून, उत्तराखण्ड 
29 मई 2014,     

Wednesday, May 14, 2014

देश के निर्वाचन इतिहास में नया किर्तिमान



देश के निर्वाचन इतिहास में नया किर्तिमान स्थापित हुआ।


16वीं लोकसभा चुनाव नौ चरणों में सम्पन्न हुआ।  ये चुनाव भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे लम्बा चुनाव सम्पन्न हुआ। और इसके साथ इस चुनाव में मतदान का नया किर्तिमान 66.38 प्रतिशत का स्थापित हुआ। इस बार अप्रैल-मई में हुए मतदान में लोगों ने भारी उत्साह दिखाया। इस बार चुनाव आयोग का मतदाताओं का जागरूक करने का काम सही रहा। इससे पहले 1984 में भारी मतदान 64.01 प्रतिषत सम्पन्न हुआ था, लेकिन 2014 में हुए चुनाव ने मतदान के पुराने रिकार्ड तोडते हुए देश मे निर्वाचन का नया कीर्तिमान स्थापित किया,  1984 में काॅग्रेस की लहर थी और काॅग्रेस ने 414 सीटो को जीतकर परचम लहराया था और इस बार भाजपा की लहर है। अब देखना है कि भाजपा इस बार कितने सीटे जीतकर लाती है।

दुर्गेश रणाकोटी 
देहरादून, उत्तराखण्ड़
14 मई 2014