Monday, October 26, 2015

सर्वोच्च न्यायालय ने आधार कार्ड का बढ़ाया दायरा




सर्वोच्च न्यायालय ने आधार कार्ड का दायरा बढ़ा दिया है, अब इसका इस्तेमाल पीएफ, पेंशन स्कीमों, प्रधानमंत्री जनधन योजना और मनरेगा के लिए भी किया जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को केन्द्र सरकार को इसकी इजाजत दे दी। सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला सरकार के लिए बेहद राहत भरा है।

मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पाॅंच सदस्यीय पीठ ने 11 अगस्त 2015 को दिए अपने उस अंतरिम आदेश में बदलाव कर दिया है, जिसमें उन्होंने सिर्फ एलपीजी और जन वितरण प्रणाली के लिए आधार के इस्तेमाल की इजाजत दी गई थी। पीठ ने सरकार को 23 सितम्बर 2013 के उस आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है, जिसमें कहा गया था कि ऐसे व्यक्ति को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से महरूम नहीं रखा जा सकता है, जिसके पास आधार न हो। 

पांच सदस्यीय पीठ ने कहा कि जब तक आधार की संवैधानिक वैधता को लेकर बड़ी का निर्णय नहीं आ जाता तब तक आधार पूरी तरह से स्वैच्छिक रहेगा। मालूम हो कि रिजर्व बैंक आॅफ इडि़या, यूआईडीआईए, सेबी, ट्राई सहित कई अन्य आथाॅरिटी ने याचिका दायर कर 11 अगस्त के अंतरिम आदेश में बदलाव करने की गुहार की थी। इन आथाॅरिटी का कहना था कि इस अंतरिम आदेश के कारण सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फायदा लोगों तक पहुचांने में परेशानी आ रही है।

बृहस्पतिवार को सनुवाई के दौरान आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायधीश के एस पुटटास्वामी की पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने आधार के दायरे को बढ़ाने वाली याचिकाओं का पुरजोर विरोध किया। इस पर पीठ ने दीवान से पूछा कि आपका यह कहना है कि आधार कार्ड के लिए बायोमैट्रिक्स डाटा लिया गया है। इसका दुरूपयोग हो सकता है।


Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand
26 October, 2015

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